उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक शुक्ल द्वादशी (रविवार) को भस्म आरती में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। बाबा महाकाल का भांग से भव्य श्रृंगार, मस्तक पर सूर्य और बेलपत्र धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। अंगारेश्वर महादेव को वैष्णव तिलक लगाया गया। जानें पूरा दिव्य श्रृंगार।
तुलसी विवाह 2025 कब है? जानें देवउठनी एकादशी से इसका संबंध, शुभ मुहूर्त (2 नवंबर), पूजा विधि, और कन्यादान के महापुण्य का महत्व।














